Wednesday, May 30, 2012

Sapnae undekhe



सपने 


कभी  ना कभी  जिन्दगी  में  इंसान  सपने  देखता  है  है  कुछ  सपने  ऐसे  होतें  है  जो  की  वोह  सुच  करना  चाहता  है
कुछ ऐसे   सपने  होतें  है  जिनसे  वोह  डरता  है  . जिन  सपनो  को  वोह  जिन्दा  करना  चाहता  है  वोह  सपने  अक्सर  उसकी  पहुँच  से  बहार  होतें  हैं  पर  इंसान  की  फितरत  में  सब  कुछ  हासिल  करने  का   जज्बा  होता  है   वोह  मेहनत  जिसकी  वजह  से  हर  सपना  पूरा  हो  सकता  है  बस  जररूत   होती  है  उस  हसीं  सपने  को  सच   में  तब्दील  करने  का  जज्बा 


किसी  शायर  ने   भी  खूब  कहा  है  " कौन  कहता  है  की  आसमान    में  छेद  नहीं  होता  , एक  पत्थर  तो  तबियत  से  उछालो  यार "


इस  ब्लॉग  का  निष्कर्ष  यह  नहीं  है  की  आप  सोतें  रहे  और  केवल  सपने  देखें , सपने  खुली  आखों  से  भी  देखे  जा  सकतें  हैं  बस  वोह  जज्बा  होना  चाहिए .  जिन्दगी  में  आपको  असफलता  पर  असफलता  मिल  सकती  है  पर  कब  तक,   बस  कोशिश  करते  रहिये  कभी  ना  कभी  किस्मत  भी  साथ  देगी .

अंत  में 

"कभी  देखा  था  हमने  सपना  की    कुछ  लिखेंगे  हम ,
देखो  आज  वोह  सच   हो  गया "

"lokieee


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